श्री भैंरो बाबा मन्दिर]झिरी
श्री
भैंरो
बाबा
का
झिरी
स्थित
मन्दिर]
झिरी
गॉव
के
दक्षिण
दिशा में झिरी,शंकरपुर गॉव के सडक किनारे बना प्राचीन मन्दिर हैं। मन्दिर की पूजा अर्चना का कार्य श्री जगदीश जी गोठिया करते हैं। प्रत्येक माह की उतरते सात को व बडी जात भादो] माघ] वैषाख की सात का जात लगती हैं।
श्री
भैंरो
बाबा
गिरौनिया
मन्दिर
में
खच्ची
गोठिया
झिरी
निवासी
ही
थे।
तब
गिरौनिया
में
झिरी
के
ठाकूर
ने
बकरा
चढाया
था।
तब
गिरौनिया
के
लोगों
व
झिरी
के
लोगों
मे
बकरा
चढाने
पर
विवाद
हो
गया।
तब
झिरी
वाले
गोठिया
मे
श्री
भैंरो
बाबा
आये
व
उन्होने
कहा
कि
अब
तो
ये
बकरा
झिरी
मे
ही
चढेगा
और
मे
झिरी
ही
चलुंगा।
फिर
गिरौनिया
मन्दिर
से
झिरी
नारियल
के
बली
देते
आये
व
नारियल
खत्म
होने
पर
लुडिया
जैसे
पत्थरों
की
बली
देते
हुए
आऐ।
गॉव
के
आडे
खार
के
पास
आने
पर
बकरे
को
आकाश
की
तरफ
उपर
फैंक
दिया]
वह
वापस
लौट
कर
जमीन
पर
नही
आया।
उसके
बाद
गॉव
वालो
ने
श्री
भैंरो
बाबा
का
मन्दिर
के
निर्माण
के
लिए
दक्षिण
दिषा
में
झिरी,शंकरपुर गॉव के सडक किनारे कुओं के पास स्थान का चयन किया व मन्दिर बनवाया। स्थानिय निवासी बताते हैं कि गिरौनिया से झिरी आते वक्त भक्तो के चलने पर उनके पैरों से 3 काले नाग पैरों मे बिना कुछ नुकसान पहुचाये नष्ट हो गये।
श्री
भैंरो
बाबा
अपने
भक्तो
को
भूत-प्रेत
व
बुरी
आत्मा
से
रक्षा
करते
हैं।
व
अपने
भक्तो
की
मनोकामना
पुरी
करते
हैं।
इस
मन्दिर
के
वर्तमान
गोठिया
पूर्व
गोठिया
खच्ची
के
सपुत्र
श्री
जगदीष
गोठिया
हैं।
इस
मन्दिर
पर
जात
देने
के
लिए
दिल्ली]
यु-पी-]
म-प्र-]राजस्थान
से
दूर-दूर
के
यात्री
आते
हैं।
!! जय श्री भैंरो बाबा की !!
