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Saturday, October 27, 2012

गुदड़ी मेला



गुदड़ी मेला

 झिरी गॉव में आश्विन कृष्ण 2 3 को गुदड़ी का मेला भरता है। यह मेला इस गॉव में प्राचीन काल से ही भरा जाने वाला प्रसिद्ध मेला हैं। इस मेले का नाम गुदड़ी क्यों रखा गया, यह तो स्थानीय लोगों को भी पता नही। लेकिन यह मेला राजाशाही जमाने से भरा जाने वाला बहुत प्राचीन मेला हैं।

 यहॉ मेला लगाने देखने के लिए पड़ोसी राज्य उतरप्रदेश, मघ्यप्रदेश से भी लोग आते हैं। यहां तक कि गॉव के स्थानीय निवासी , जो भारत के किसी कोने मे कार्य करता हो,  वह भी इस मेले पर जरुर आता हैं।
  इस मेले मे हर प्रकार के जरुरत के समान बच्चों के खिलौनों की दुकानें लगती हैं। तथा यहॉ के स्थानीय लोगो द्वारा मिठाई की दुकाने खोली जाती हैं। मेले मे बच्चों, बुढो महिलाओं को जगह-2 गरम-गरम जलेबी के चटकारे ( स्वाद लेते हुए देखा जाता हैं।
और महिलाओं के सौन्दर्य प्रसाधन की दुकाने भी बहुत अधिक संख्या में आती हैं। यहॉ के स्थानीय लोग बताते हैं कि यह गॉव शहर से दूर स्थित होने के कारण
  महिलाऐं अपने  सौन्दर्य प्रसाधन का समान खरीदने अकेली शहर नही जा सकती। इसलिये वे इस मेले मे ही पुरे साल भर की खरीददारी करती हैं।
यह मेला दो दिन तक लगता है। जिसमे पहले दिन की शाम को युवाओं द्वारा दखना (ऊॅची कुद की दुसरे दिन की शाम को कुश्ती (दगंल की प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता हैं। 

 जिसमे भाग लेने देखने के लिए दुर-दराज के गावों के लोग आते हैं। प्रतियोगिता जीतने वाले को उचित ईनाम दिया जाता हैं। 

 स्थानीय लोगों के सानिध्य में, बिना प्रशासनिक व्यवस्था के मेला प्रतियोगितायें शान्तिपुर्वक तरीके से सम्पन्न होती हैं। 


मेले मे पटवा जाति के लोगो द्वारा खिलौने आदि की दुकाने लगाई जाती हैं। उनसे इस मेले का इतिहास पुछने पर उन्होनें बताया कि इस मेले मे हमारी पिछली 4-5 पीढी दुकान करती रही हैं। और अब हम कर रहे हैं। लेकिन ये मेला कब से लगता रहा हैं, यह तो हमें भी स्पष्ट जानकारी नही हैं। मेले के दौरान गॉव की गलियों मे बहुत अधिक भीड़ देखने को मिलती हैं। जिसमे से गुजरना भी मुश्किल हो जाता हैं। आस पड़ौस के गॉवो से बच्चे, बुढे और महिलाओं का एक साथ समुह का समुह मेला देखने आते हैं। मेले के दौरान तो झिरी गॉव मे शहर से भी ज्यादा भीड़ रहती हैं। दुर-दराज के लोग इस मेले मे इक्कठे होने से वे एक दुसरे से मिलते हैं। बड़े-बुढे लोग अपने छोटे-छोटे बच्चों को कंधो पर बिठा कर मेले दिखाने लाते हैं।

Friday, September 21, 2012

झिरी गॉव का मुखडा व दुखड़ा

                            झिरी गॉव का मुखडा व दुखड़ा

भैरों जी का मन्दिर

                     झिरी गॉव धौलपुर (राजस्थान) जिले की सरमथुरा तहसील के 28 कि.मी. दूर चम्बल नदी के किनारे बसा एक पंचायत मुख्यालय हैं। जिसके अन्र्तगत छोटे- छोटे 12-13 गॉव आते है। प्राचीन काल से ही लोग झिरी मे नौकरी करने वालो को काले पानी की सजा मिल गयी हैं। यह अवधारणा बना कर रखते थें। और अब भी यदि कोई अधिकारी किसी कर्मचारी को सजा के तोर पर झिरी ड्यूटी पर लगाने की बात करता है। तो बेचारे कर्मचारी को लगता है, जैसे उसे जम्मू के लद्दाख के पहाड़ी जंगल मे भेज दिया हो।

               लोग झिरी को पताल लोक, काला पानी, तीसरी दुनिया, लौह पुरुष, डांग क्षैत्र आदि उपनामों से पुकारते हैं। झिरी का नाम सुनते ही रोगटे (बाल) खड़े हो जाते हैं। कारण यह था कि प्राचीन समय में झिरी गॉव के लिए कोई आवागमन का सुलभ साधन नही था व यह क्षेत्र दस्युओं कि शरणस्थली बना रहता था। मगर समय के साथ-2 क्षेत्र का विकास हुआ व दस्युओं का उन्मुलन होता गया।
                यहॉ का प्राकृतिक दृश्य देखने से मन प्रफुलित हो जाता हैं। वर्तमान मे आपको इस क्षेत्र मे जम्मू-कश्मीर जैसे प्राकृतिक दृश्य देखने को मिलेगे। यही कारण हैं कि अब इस क्षेत्र मे एक बार भ्रमण करने वाला व्यक्ति, यहां बार-बार आना पसन्द करता हैं।
                           मैं आपको यहॉ के कुछ प्राकृतिक अजूबों की तस्वीर दिखाना चाहुगां। जैसे- प्राकृतिक झरना, कुआ के जल का उफान, विचित्र पक्षी, नलकुप से बिना चलाये अपने आप निकलता पानी आदि ।






                        
यदि ये सब धटना किसी शहर के पास होती तो वहॉ आम जनता व मिडिया वालो का जमावाड़ा हो जाता। मिडिया वाले शायद इन दृश्यों को अपने पत्र-पत्रिकाओ व चैनल मे मुख्य खबर के रुप मे प्रकाशित करते। मगर यह सब घटनाये जगंल में बसे एक छोटे से गॉव में होने के कारण, कोई ने भी इनकी खोज खबर नही ली।
  इन चमत्कारों के अलावा यहॉ ऐसी ओर भी बहुत सी मिडिया लायक खबर रहती हैं, लेकिन मिडिया के अभाव में वो आम जनता से दूर ही रह जाती हैं। यहां मिडिया वाले सिर्फ राजनेता या अधिकारी के आगमन पर ही मात्र अपनी कवरेज करने आते हैं । किसी व्यक्ति या मिडियाकर्मी को मेरी बात बुरी लगी हो तो क्षमा करना।
                              लेकिन मैं आप सभी क्षेत्रवाशियोंें, राजनेताओं, मिडिया कर्मचारियों से सविनय निवेदन करता हूॅ कि आप इस डांग क्षेत्र के विकास में सहयोग करे, डांग विकास कार्यक्रम मे मिलने वाली राशि का ईमानदारी से उपयोग करे व करावे। सरकारी योजनाओं को अच्छी तरह से क्रियान्वित कर, समय-समय पर अधिकारियों द्वारा ओडिट करवाये।
                           
  यह दुखः कि बात हैं कि भारत आजादी के 65 वर्ष बाद भी यहॉ आवागमन के लिए सरकार की ओर से कोई साधन नही हैं। लोगो द्वारा महंगा किराया दे कर भी, धक्का खाते हुए सफर करने को मजबूर होना पड़ता हैं।

Thursday, June 21, 2012

घमसो मैया मन्दिर धौलपुर

घमसो मैया मन्दिर धौलपुर

 घमसो मैया जो शेषनाग फनी आकार के पर्वत की कंदराओं के बीच विराजमान है। आज मैं आपको वहां का यात्रावृतांत और यहां की अदभुत विशेषताओं के बारे में बताने जा रहा हूं। दमोह धौलपुरजिले के सरमपूरा क्षेत्र के पास स्थित इस मन्दिर पर घमसो मैया की जात, मेला  आश्विन कृष्ण पक्ष की द्वितीय तिथि 2 को लगता है। यहां जात देने के लिए दूर दूर से श्रद्धालु गण आते है।माता से मन्नत मांगते हैं इस स्थान के बारे में ऐसा कहा जाता हैं कि माता से सच्चे मन सें मांगी गई मुराद माता अवश्य पूरी करती है। लेकिन मन्नत पुरी होने पर उस भक्त को पुनः माता के के इस स्थल पर दर्शनार्थ आना अति आवश्यक है। 

 इस मैया का दरबार घने जंगल के बीचों बीच एक पहाड़  के शेषनागफनी आकार के छत्र के नीचे स्थित है।दमोह स्थान पर्यटन की दृष्टि से भी बहुत ही महत्व पूर्ण है।  इसका कारण यहां का एक बहुत बड़ा प्राकृतिक झरना हैं यह स्थान चारों तरफ से पहाड़ों और हरे भरे जड़ी बूटी युक्त पेड़ पौधों से  घीरा हुआ हैं और देखने में ऐसा लगता है, मानों कि हम पृथ्वी का स्वर्ग कश्मीर देख रहें है।
 इसे अगर राजस्थान का मिनी कश्मीर कहा जाये तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।और इस  स्थान घने जंगल में हर प्रकार के साधारण और खुंखार जंगली जानवर रहते है।
 हाल ही में समाचार पत्रों की सुर्खियों में आया मोहन टाइगर भी इस प्राकृ1तिक स्थान पर 4 माह तक रह कर गया है। जिसके बारे में समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ था कि मोहन टाइगर के पद चिन्ह दमोह क्षेत्र में मिले है। यह वही स्थान है।
इस क्षेत्र में ढ़ाक,प्लास्क,देतु,जामून,खेर,गुगल,इमली,आम,ताड़,साळ,सागवान,
ककोरा,मुरेला,सहित अनेक औषधियों की जड़िबुटियों के महत्व वाले पौधे इस स्थान पर मिलते है।अगर कोई मंत्री या अधिकारी इस क्षेत्र को दमोह क्षेत्र को दोरा करता हैं तो उसे यहां का झारना देखने की इच्छा जरूर हो ही आती है।यह स्थान पर्यटन के लिहाज से और भी अच्दा हो सकता हैं अगर  सरकार इस तरफ कुछ ध्यान दे क्योंकि यह स्थान चम्बल के डकेतों की शरण स्थली  बना हुआ है। और बिना सुविधा के जंगली जानवरों का भी भय रहता है।   और सबसे महत्व पूर्ण बात तो यह है कि यहां सुविधाओं जैसे सड़क मार्ग,बिजली ,पानी, साधन, रहन सहन आदि की अभाव है।लौग गांवो से दर्शनार्थ पैदल चलकर आते हैं लोग ही नहीं नेता गण और अधिकरी भी इन्हीं ऊबड़खाबड़ रास्तों से होकर ही आते हैं लेकिन सुविधाओं और विकास की तरफ कोई ध्यान नहीं देता है।  इस स्थल की यात्रा  का यात्रावृतांत और यहां की अदभुत विशेषताओं के बारे में मैं रमेश फुलवारिया   (बगड़ ) निवासी जो वहा झिरी गांव में एक अध्यापक के पद पर कार्यरत है।मैं अपने  वहां के 20-30 दोस्तों के समूह के संग की मैया तक जाने का रास्ता बड़े बड़े बहते पानी के15 -20 नालों के अन्दर से होकर गुजरता है। परन्तु ऐसी मान्यता हैं कि माता के दर्शन के लिए जाने वाले भक्तों के साथ किसी भी प्रकार की कोई अनहोनी घटना नहीं होती है। और वे इन नालों को आराम से पार कर लेते है।

 यहां के लोग वर्षा ऋतु प्रारम्भ होते ही इस जंगल में अपने मवेशी/पशुओं को लेकर आ जाते हैं और वही अपनी झोपड़ी बनाकर होली त्यौहार तक रहते हैं पुछने पर बताते हैं कि यहां पशुओं को खाने को चारा भी मिल जाता है। और वे दुध घी भी अच्छी मात्रा में देती है। यह स्थल राजस्थान का वैष्णों देवी धाम कहलाने लायक है।  वही मन मोहक दृश्य कल-कल करती नदियां  अधिक उंचाई से गिरता झरने,प्रकृति की गोद में विराजमान माता रानी का पवीत्र स्थल मन मोहक प्राकृतिक दृश्य, जीव जन्तुजिन्हे देख्कर मन वहां से हटने को ही नहीं करता ऐसा लगता है कि यहीं जीवन बीता दें 
यहां के लोग बताते हैं कि दमोह का यह झरना इतना गहरा हैं इसमें अगर सात खटियां चारपाई की जेवरी रस्सर भी डाली जाये इसे नापने के लिए तो वो भी कम पड़ती हैं कहने का मतलब कि इसका आज तक कोई गहराई नहीं माप सका है। 

और यहा के लोगों का यह भी मानना है कि जब इस मैया का मेला भरता हैं तो रास्ते में आने जाने वाले श्रृधालु भक्तों को किसी भी प्रकार डैकेतो और जंगली जानवरों द्वारा परेशानी नहीं होती और नही किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना घटित नहीं होती हैं यह सब मैया की ही कृपा है।
इसी जंगल में एक सुप्रसिद्ध महात्मा आत्मापुरी बाब की छतरी (समाधी स्थल) भी है।  इसी छतरी के पास से एक नाला (खार) पानी बहता हैं दन्त कथा है कि  आत्मपूरी बाबा के प्रताप यह नाला पहले दुध का बहता था तथा आत्मपुरी बाबा हमेशा शरीर से अपनी आत्मा को निकाल कर उसे दुध में धोते थे यह कितना सच हैं ये तो भगवान ही जाने।और वहा बंकर नुमा एक कमरा भी बना हुआ जिसके पास से नाला गुजरता हैं यह कमरा जंगली जानवरों का शिकार करने के लिए बनाया गया है। इसके अन्दर जाने का सिर्फ एक छोटा सा ही रास्ता है। और अन्दर निशाने के लिए छेद बने हुए थे।बहुत पहले यहाँ राजा महाराजा आया करते थे और वे इस कमरे को शिकार के काम लेते थें ऐसा माना गया है। कमरा इतना अदभुत हैं कि  उसमें पेट के बल लेट कर ही अन्दर घुसा जा सकता हैं खड़ा नहीं। माता का यह मन्दिर जिस पहाड़ी के नीचे बना हैं वह एक शेषनाग के फन नुमा मन्दिर के उपर झुका हुआ है।यह झुकाव लगभग आधा किलोमीटर तक हैं और इसकी चौड़ाई  100 फूट के लगभग है।ऐसा कहा जाता हैं कि  माता के दरबार में  आने वाले भक्तों को धुप और बारिश से बचाने के लिए काम आता है। कहा जाता हैं कि इसके नीचे लगभग 10 लाख व्यक्ति खड़े रह सकते है।  फिर भी यह कम नहीं पड़ता है। 
यहा आने वाले भक्त अपने घर से ही भोजन बनाकर साथ ले जाते है। और स्नान कर दर्शन करने के बाद ही खानाखाते हैं 





तथा ताज्जुब की बात यह है कि प्रसाद चढ़ाने के लिए भी लोगों को घर से ही प्रसाद लाना पड़ता हैं वहा कोई दुकान वगेरह नहीं है।


अंत में मै  यही कहूंगा धन्य हैं वे लोग जिन्होंने इस स्थल के दर्शन कर माता के दर्शनों के साथ साथ मनमोंहक दृश्य का नजारा देखा और मैं रमेश फुलवारिया आप का भी आभार व्यक्त करना चाहूंगा,आपसे भी जरूर चाहूंगा कि अगर धौलपुर की तरफ जाने का मन बने तो जरूर इन दर्शनों  का लाभ प्राप्त करना ना भूलियेगा।


Writer:-      
Ramesh Kumar 
              (Teacher)
Mobile No. 09669074407,
08955263800

झिरी ग्राम पंचायत क्षेत्र के महत्वपुर्ण नम्बर:-

ग्राम पंचायत झिरी

                  झिरी ग्राम पंचायत क्षेत्र मे कार्यरत सरकारी विभाग व निजी जन सेवा के महत्वपुर्ण नम्बर:-


क्र.स.    विभाग/ संस्था         प्रमुख का नाम                सम्पर्क नम्बर   
1        सरपंच                        श्री रामजी लाल मीणा   9977615876,
                                                                             9166730808
 2       उप सरपंच                श्रीमती कमलेष देवी       9754564538
 3    पंचायत समिति        
  Shri Kailashi Meena             -
       सदस्य                  
 4    ग्राम सचिव               
 5    पटवारी                      श्री यतेन्द्र शर्मा               9785639980
 6   नरेगा ग्राम सहायक   श्री बनिया राम केवट          9680565778
 7   डाक विभाग                श्री के
व शर्मा                 9926969082
 8   रसद विभाग              श्री राजाराम जादौन          9301244807
 9  आयुर्वेद औषधालय    श्री केदारनाथ शर्मा व       
9928268975,
                                         श्री जगदी शर्मा           9826626472
 10  पी.एच.सी अस्पताल  Shri Satendar Goyal   9694297747

                                       श्री रामराज मीणा व        9753715564
                                       श्री प्रहलाद मीणा                            -
11  पु चिकित्सा केन्द्र   
12   राजकीय सैकण्डरी विद्यालय श्री महेन्द्र सिंह   09660604871
13    रा.उ.प्रा.विद्यालय ,  Shri Umashankar       09636403516
        शंकरपुर
14    रा.उ.प्रा.विद्यालय ,  Shri Jaisingh Meena  9166488293

        भम्पुरा 
15    रा.प्रा.विद्यालय ,      Shri Gyansingh Meena  09617675046
        झिरी   
16    रा.प्रा.विद्यालय ,     श्री जगमाल सिंह जादौन  9826251783
        भगतपुरा  
17    रा.प्रा.विद्यालय ,     श्री मंगलीया राम               9009697448
         पनावती 
18    रा.प्रा.विद्यालय ,     श्री स्वरुप सिंह तेजावत     9928794838
         दुगर्सी 
19    रा.प्रा.विद्यालय ,     श्री दिने कुमार शर्मा        9907650665
        अमरपुरा 
20    रा.प्रा.विद्यालय ,     श्री बृजेन्द्र कुमार शर्मा       9009822064
        गिरौनिया 
21    शिक्षाकर्मी विद्यालय, श्री मुरारी लाल जाटव     9617228701
         हल्लुपुरा
22    शिक्षाकर्मी विद्यालय, श्री महे सिंह                 9754605148
        जारोला  
23    शिक्षाकर्मी विद्यालय,  श्री मोहर सिंह केवट        8959382685
        खिल्लाडाना  
24    अनामिका पब्लिक,   श्री गिर्राज मीणा              9165107146
         विद्यालय
25    वन विभाग                    
26    राजकीय पी.डब्लु.डी. श्री संजु सिंह जादौन        9928419482
        ठेकेदार
27    पुलिस विभाग                               
28    जलदाय विभाग                           
29    विद्युत विभाग                                
30    निजी बस सेवा            श्री रामस्वरुप पटेल        
31    निजी जीफ सेवा          श्री गोघन मीणा              9571917901,
                                                                         9784350136
32    राजीव गॉधी केन्द्र      

3श्री नृसिह जी प्राथमिक  श्री राकेश तिवारी       09617330739
       विधालय, झिरी
                               उपरोक्त वर्णित नाम/नम्बर जन सेवा की सुविधा हेतु दर्षाये गये हैं। फिर भी उपरोक्त वर्णित नाम/नम्बर को जोड़ने व हटाने सम्बंधी कोई षिकायत व सुझाव हो तो हमे निचे दर्षाये गये कोमेन्ट पर क्लीक कर,  षिकायत व सुझाव टाईप कर अवगत करावे। धन्यवाद ।